उपरोक्त परिभाषाओं से स्पष्ट है, कि एक अल्प दृष्टि व्यक्ति के पास कुछ मात्रा में दृष्टि शेष रहती है, जिसका प्रयोग वह अपने कार्यों को सम्पादित करने में कर सकता
है।
किन्तु यह स्थिति व्यक्ति को असमन्जस में डालती है और भ्रमित भी करती है, क्यों कि उसके द्वारा देखी जा सकने वाली वस्तुएं और उनसे
प्राप्त सूचनाएं उसकी सुन कर प्राप्त सूचनाओं से भिन्न हो सकती हैं।
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