1.2 Types of additional disabilities
1.2 बहुविकलांगता के प्रकार
एक से अधिक विकलांगता से ग्रसित व्याक्ति को ही बहु विकलांग कहते है| यह प्रायः निम्नलिखित प्रकार की होती है—
1.
श्रवण अक्षमता एवं दृष्टि बाधित (HI + VI)
2. दृष्टि बाधित, श्रवण अक्षमता एवं मानसिक मन्दता (VI + HI +MR)
3. दृष्टि बाधित एवं मानसिक मन्दता (VI +MR)
4. प्रमस्तिष्कीय पक्षाघात एवं मानसिक मन्दता (CP + MR)
5. दृष्टि बाधित, श्रवण अक्षमता एवं गामक अक्षमता (VI + HI + LMD)
1.
श्रवण अक्षमता एवं दृष्टि बाधित
जब व्यक्ति वाह्य वातावरण की ध्वनि को सुनने में अक्षम होने के साथ-साथ किसी वस्तु इत्यादि को सामान्य दूरी पर स्पष्ट रूप से देखने में अक्षम होता है तो उसे श्रवण एवं दृष्टि बाधित बहु विकलांगता कहते है|
2. दृष्टि बाधित, श्रवण अक्षमता एवं मानसिक मन्दता
जब किसी व्यक्ति में सोचने, समझने, सीखने, समझने निर्णय लेने आदि में देरी अथवा अक्षमता हो वाह्य वातावरण की ध्वनि को सुनने में अक्षम हो तथा सामान्य दूरी पर किसी वस्तु को स्पष्ट देखने में कठिनाई रही हो तो उसे दृष्टि बाधित, श्रवण अक्षमता एवं मानसिक मन्द कहा जाता है|
3. दृष्टि बाधित एवं मानसिक मन्दता
सीखनें में कमी, सीखने में अक्षम एवं सामान्य परिवेश में वस्तु को स्पष्ट देखने में कठिनाई हो तो उसे दृष्टि बाधित एवं मानसिक मन्दता कहते है|
4. प्रमस्तिष्कीय पक्षाघात एवं मानसिक मन्दता
मस्तिष्कीय क्षति होने के साथ-साथ उसके अंग लकवा ग्रस्त हो मांस पेशियाँ सामान्य हो तथा सोचने समझने सीखने एवं निर्णय लेने में अक्षम अथवा कठिनाई हो तो उसे प्रमस्तिष्कीय पक्षाघात एवं मानसिक मन्दता से ग्रसित बहुविकलांग कहते है|
5. दृष्टि बाधित, श्रवण अक्षमता एवं गामक अक्षमता
दृश्य एवं श्रव्य समस्या के साथ-साथ जब किसी व्यक्ति को चोट अथवा दुर्घटना के कारण शारीरिक विकलांगता हो जाती है तो उसे दृष्टि बाधित, श्रवण अक्षमता एवं गामक अक्षमता से ग्रसित बहुविकलांगता कहते है|
इसी प्रकार मानसिक मंदता के साथ उसे शारीरिक समस्या होती है जिसके कारण वह चलने-फिरने में असमर्थ हो जाता है तो उसे मानसिक एवं शारीरिक विकलांगता कहते है|
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