Paper Code 101) 1.2 Emerging trends: Concept and Definition of Impairment, Disability, Handicap (ICIDH) and Functioning (ICF)
Paper Code 101
1.2
Emerging trends: Concept and Definition of Impairment, Disability, Handicap
(ICIDH) and Functioning (ICF)
क्षति, अक्षमता, विकलांगता और कार्यात्मकता की अवधारणा एवं परिभाषा
मनुष्य भगवान की एक श्रेष्ठतम रचना है| मानव शरीर के किसी एक भी प्रणाली में खराबी आने से व्यक्ति के काम करने की सामाजिक क्रिया कलापों को सम्पन्न करने में बाधा उत्पन्न हो जाती है| सामान्यतः विकलांगता शब्द से आशय “किसी अंग से पूर्णतः वंचित होना” समझा जाता है किन्तु कभी-कभी व्यक्ति के शरीर में इन अंगों के होने पर भी वह विकलांग हो जाता है, कार्य करने की क्षमता का अभाव हो जाता है|
साधारणतः हम कह सकते हैं कि विकलांगता से आशय व्यक्ति के शरीर से किसी अंग का उसकी सामर्थ्य शक्ति के अनुसार कार्य न करने से है|
WHO के अनुसार
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विकलांगता की स्थिति को इस प्रकार चरण-बद्ध किया है-
बीमारी—क्षति—अक्षमता--विकलांगता|
22 मई 2001 को WHO विश्व स्वास्थ्य संगठन सम्मलेन में विकलांगता व स्वास्थ्य सम्बन्धी अंतर्राष्ट्रीय क्रियाकलाप व वर्गीकरण (ICF) International Classification of Functioning को स्वीकृत प्रदान की गयी| इससे सम्बन्धित वर्गीकरण सबसे पहेल 1980 में प्रस्तुत किया तब उसे “क्षतियों, विकलांगताओं और बाधाओं के अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण |” (ICIDH) International Classification of Impairment
Disabilities Handicaps की संज्ञा दी गयी| ICF रोग कारण से सम्बन्धित नहीं है| बल्कि इसमें रोग या उससे सम्बन्ध स्थिति के स्थान पर व्यक्ति के कार्य पर अधिक बल दिया गया यह स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य सम्बन्धी स्थितियों के बारे में एक मानक भाषा एवं ढांचा उपलब्ध करवाता है|
किसी भी क्षति सीमा या कमी के अनुपात को ICF इस प्रकार वर्गीकृत करता है|
0-4%= कोई समस्या नहीं
5-24%= हल्की समस्या
25-49%= मध्यवर्ती समस्या
50-95%= गंभीर समस्या
96-100%= पूर्ण समस्या
बिमारी
स्वास्थ्य मनुष्य की वह क्षमता है, जिसमें वह शारीरिक, मानसिक एवं भावात्मक रूप से वातावरण के साथ लगातार समायोजन करता है|
परिभाषा
Who के अनुसार-
“स्वास्थ्य किसी भी व्यक्ति के सम्पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक क्रियाकलाप का प्रतीक है| यह वह क्रियाकलाप है जो मनुष्य को रोगमुक्त होना मात्र नहीं है| अतः स्पष्ट हैं कि बीमारी क्षति की पहचान करने में सहयोग स्वरूप है|
क्षति
ICIDH के अनुसार
किसी भी प्रकार की मानसिक, शारीरिक या मनोशारीरिक व असमानता अथवा कमी जो अंगीय कारणों से होती है उसे क्षति कहते हैं| अतः स्पष्ट है कि कोई भी असमानता अथवा कमी जो किसी व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक स्तर में हो उसे क्षति कहते हैं|
WHO के अनुसार
क्षति शारीरिक संरचना मनोशारीरिक अथवा शारीरिक क्रियाओं की कमी या असमानता होती है|
अक्षमता
अक्षमता के फलस्वरूप व्यक्ति अपनी आयु, लिंग और सामाजिक, सांस्कृतिक पहलुओं के रूप में कार्य नहीं कर पाता है|
दूसरे शब्दों में क्षति के परिणाम स्वरूप किसी भी कार्य को करने में जो बाधा या रूकावट उत्पन्न होती है वह अक्षमता कहलाती है|
परिभाषा
ICIDH के अनुसार
जब किसी कार्य को करने में सामान्य व्यक्ति जैसी क्रिया नहीं दिखाई देती कार्य को करने में बाधा या क्षति पहुंचती है तो यह स्थिति अक्षमता कहलाती है| अतः स्पष्ट है कि क्षति के परिणाम स्वरूप क्षमता के अनुसार कार्य न कर पाना अयोग्यता मानी जाती है, जिसे अक्षमता कहते हैं|
विकलांगता
विकलांगता व्यक्ति की उस दशा को कहते हैं, जो क्षति तथा अक्षमता के कारणों से उत्पन्न होती है| इस प्रकार विकलांगता का अनुकलन व्यक्ति के आत्म सम्मान पर निर्भर करता है| यह स्थान, समय, परिस्थिति व भूमिकाओं से उत्पन्न होती है|
ICIDH के अनुसार
“व्यक्ति में शारीरिक, सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यों में क्षति एवं अक्षमता के कारण जो नुकसान व पिछड़ापन हो जाता है उसे विकलांगता कहते हैं|”
इससे व्यक्ति की स्थिति क्रियाएँ बाधित जो जाती हैं|
1990 ई. में पारित तथा 2008 में संशोधित अमेरिकी एक्ट में कहा गया है कि ऐसी शारीरिक और मानसिक क्षति जो उस व्यक्ति की प्रमुख जीवन सम्बन्धी गतिविधियों को गम्भीर रूप से सीमित कर देती है|
Or
ऐसा माना जाए कि उसे गम्भीर शारीरिक या मानसिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है|
WHO के अनुसार
“विकलांगता वह स्थिति है, जो व्यक्ति की परिस्थितियों को सीमित और भागीदारी को बाधित कर देती है|”
उदहारण
यदि दुर्घटना वश किसी व्यक्ति का हाथ कट गया हो, तो उसकी कोशिका और ऊतकों के नष्ट होने से उसे हानि हुई| हाथ जलने या कटने के कारण वह अपना कार्य जैसे--लिखने सम्बन्धी कार्य नहीं कर पाता है| तो यह स्थिति अक्षमता कहलाती है|
यदि जले या कटे हुए भाग का उचित उपचार व देखभाल न की जाए तथा इससे संक्रमण हो जाए तथा गंभीर रूप से संक्रमित हाथ को काट कर या कटे हुए भाग में परिवर्तन किया जाए या जले हुए भाग को काटकर हटा दिया जाए तो व्यक्ति में विकलांगता आ जाती है|
कार्यात्मकता
व्यक्ति की कार्यात्मकता से आशय उसकी कार्य करने की सम्पूर्ण क्षमता एवं योग्यता से है अर्थात एक समाज का सदस्य होने के कारण किसी व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक अथवा भावात्मक और मनोशारीरिक क्रियाएँ अपेक्षित होती हैं| इसका समूह ही उनकी कार्य क्षमता कहलाती है| विकलांगता की स्थिति व्यक्ति की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है|
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